73वें गणतंत्र दिवस पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में काव्य पाठ
स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल की ओर से 73वें वर्षगांठ पर, विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम और प्रवासी साहित्य महोत्सव, मुंबई के संयुक्त प्रयास ने भारत के विभिन्न हिस्सों से कविता में देशभक्ति की आवाज उठाई। व8विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम के राष्ट्रीय अध्यक्षा लता तेजेश्वर रेणुका और प्रवासी साहित्य संभार के अध्यक्षा मैत्रेय कामिला जी के देखरेख में, प्रमुख साहित्यकार परमिता षड़ंगी और जयलक्ष्मी सेठी ने हिंदी, उड़िया, तेलुगु, कोरापुट, देशिया, राजस्थानी, डोगरी, जम्मू, गुजराती आदि भाषाओं में वीर गाथाओं पर कविता पाठ का संचालन किया।
जम्मू से यशपाल निर्मल, राजस्थान से रतनलाल मेनारिया, आंध्र प्रदेश से पद्मजा, गुजरात से हिना मोदी, मुंबई से शिल्पा सोनटक्के, मंजुला पांडे, प्रभात कुमार आचार्य, सुरंजन पात्रा, विजयलक्ष्मी पटनायक, सुजाता महापात्र, गायत्री शर्मा, बिश्वभारती दास, सस्मिता महापात्रा , अरुण महापात्र, कल्पना मिश्रा, स्नेहा मिश्रा, संयुक्ता साहू, वैजयंती साहू, डॉ. प्रवीण परिदा, कृष्णप्रभा मोहंती, निधिसाहू, गीतांजलि स्वयं, प्रभातनलिनी साहू, डॉ. प्रियंबदा सामल ने अपनी कविताओं का पाठ किया। विजयलक्ष्मी पटनायक ने हिन्दी में धन्यवाद दिया, जबकि क्षनप्रभा मोहंती ने कार्यक्रम का समापन किया।
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