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मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022

विश्व मातृभाषा दिवस पर मातृभाषाओं में काव्य पाठ

स्वतंत्र राष्ट्र की आज़ादी के अमृत महोत्सव और 21फेब्रुवरी के विश्व मातृभाषा दिवस पर, विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम की राष्ट्रीय अध्यक्षा लता तेजेस्वर 'रेणुका' और प्रबासी साहित्य संभार, मुंबई की अध्यक्षा मैत्रयी कमिला के संयुक्त प्रयास से भारत के विभिन्न हिस्सों के रचनाकारों ने अपनी मातृभाषा में कविता सुनाया। मुख्य अतिथि मुंबई के हिंदी प्रचार प्रसार सभा के निदेशक आदरणीय संजीव निगम जी और विशिष्ट अतिथि डॉ फनी महान्ति जी ने लुप्त हो रहे भाषाओं के लिए दुख जताया और भाषाओं को सख्त बनाने के लिए कदम उठाने की जरूरत बताया। दोनों अतिथियों ने आखरी तक रचनाकारों का साथ दिया और बहुत सुंदर कविताओं का वाचन भी किया। प्रमुख साहित्यकार सुश्री परमिता षड़ंगी और डॉ अरुंधति महान्ति के संचालन में गायत्री शर्मा, सरोजिनी भद्रापुर, डॉ मंजुला पांडेय, साधनाकृष्ण, हीना मोदी हरेकृष्ण दास, बिनोदिनी दास,  कल्पना मिश्र, इप्सिता षडंगी, , सुजाता महापात्र, संजुक्ता साहू, डॉ ब्रतति दास, मनोरमा मिश्र, बैजयंति साहू, क्षणप्रभा, मीन केतन, हरिश्चंद्र, सौभाग्यबंता महारणा, आदि कवि, कवयित्रियों ने हिंदी, उड़िया, तेलुगु, कन्नड़, संस्कृत, बज्जिका, गुजराती आदि भारतीय भाषाओं में कविताएं प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सफल बनाया। विजयलक्ष्मी पटनायक, स्नेह मिश्र ने मंच पर उपस्थित सम्माननीय अतिथि और कलमकारों का आभार प्रगट किया।

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