नविमुंबई के प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था 'विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम' के द्वारा, 4जानुवरी 2022 को ऑनलाइन यूट्यूब से लघुकथा पाठन कार्यकम का आयोजन किया गया। संस्था की अध्यक्षा लता तेजेश्वर 'रेणुका' ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सुश्री पारमिता षडंगी जी ने संचालन किया। इस कार्यक्रम में आमंत्रित लघुकथाकार देहारादून से सुश्री अलका अरोरा, हल्द्वानी से डॉ मंजुला पाण्डेय और मुम्बई से सुश्री उषा साहू थीं ।
डॉ अलका अरोरा ने लघुकथा के साथ प्रकृति से सराबोर अपनी कविताओं की छटा डालकर भाव-विभोर कर दिया । दूसरे भाग में उन्होने नारी मन की पीड़ा को दर्शाती, ब्रज भाषा में कहानी प्रस्तुत की । उनकी इस कहानी ने सभी का मन द्रवित कर दिया ।
उषा साहू ने, सरस्वती पूजा का अवसर पर, बच्चों के लिए सरस्वती पूजा पर बच्चों की भाषा में जो कि बालकहनी थी और 'दयालु' लघुकथा पढ़ी। लता जी ने कहा जाज कल बाल कहानी साहित्य बहुत कम देखने को मिलती है और उनके बालकाहनी के लिए संस्था की अध्यक्षा लता तेजेस्वर रेणुका और संचालक सुश्री पारमिता षडंगी जी ने शुभकामनाएं दी। दयालु कहानी, मानव के संकीर्ण मानसिकता और स्वार्थीपन का प्रतिरूप थी ।
डॉ. मंजुला पाण्डेय ने समय के बदलते रुख पर एक कविता प्रस्तुत की, जिसमें वर्तमान में घरेलू विवादों का वर्णन था । उन्होने मजदूर वर्ग में और पुत्र और पुत्री के वर्ग भेद का वर्णन किया और समाज का सकारात्मक दृष्टिकोण को भी रखा ।
संस्था की अध्यक्षा सुश्री लता तेजेश्वर रेणुका ने 'पुरानी साइकिल नई दुनिया' और 'दो बैल' लघुकथाएँ प्रस्तुत की। उनकी रचनाओं में बताया गया कि निर्धन छोटी-छोटी खुशियों से ही संतुष्ट हो जाते हैं जो जीने का कला सिखाती है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन किया सुश्री परमिताजी ने किया । सुश्री परमिताजी ने मजदूरों के भोजन के द्वारा, उनकी गरीबी का प्रत्यक्ष वर्णन किया । अपनी लघुकथाओं में उन्होने आधुनिक राजनीति और राजनेताओं सटीक व्यंग्य कसे । इनमें व्यंग और कटाक्ष दोनों ही थे ।
कार्यक्रम बहुत ही सौहाद्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ । लता तेजेश्वर ने सभी कथाकारों का अभिवादन किया और सभी को साधुवाद कहने के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ ।
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