नाम-अर्चना पांडेय, जन्म-30 जून, इलाहाबाद, माता, पिता-प्रेमचन्द्र, शांति देवी, पति-तरुण पांडेय, बेटा-विभोर पांडेय, शिक्षा-इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से M.com, गायन एवं साहित्य में रुचि., विशेष कार्य-लेखन में लिप्त 2018 से, लेखन की विधाएँ-कविता , समीक्षा , लघुकथा आदि.
माँ
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एक शब्द नहीं जीवन है पूरा ,
हर प्रेम से ऊपर......
वो नौ महीने पल-पल सहेजती
अपने खून से सींचती।
असीम पीडा़ सह कर जन्म देती ,
अपने अंश को देख गौरवांवित होती।
बड़ा होते देख उसे खुश होती
इतराती उसकी हर सफलता पर।
हम बड़े हुए...
हुए अपनी दुनिया में मस्त।
नहीं समझ पाते ,
उसके अकेलेपन की
उस पीड़ा को।
एक दिन अपने उसी
अकेलेपन की पीड़ा के साथ
विदा हो जाती है इस संसार से......
दे जाती हमें अनगिनत आशीर्वाद
क्योंकि वो मां जो थी......
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