प्रथम सत्र में 'आज की नारी', 'आधुनिक बदलाव से क्या नारी खुश है' और 'भारतीय परम्पराओं को कायम रखने क्या कदम उठाने चाहिए' जैसे विषयों पर मदन गोपाल जी,साधनाकृष्ण, और लता तेजेश्वर 'रेणुका' जी ने अपना व्यक्तव्य दिये। संस्था की अध्यक्ष लता तेजेश्वर जी ने कार्यक्रम का संचालन किया। काव्यगोष्ठी में उपस्थित नवि मुंबई से आ भारत भूषण शारदा जी, आ विश्वम्बर नाथ जी, आ रामेश्वर जी, स्नेहा मिश्रा जी, लता तेजेश्वर जी, मदन गोपाल जी, पारमिता षडंगी जी, साधनाकृष्ण जी, डॉ रौबी जी, बिजयलक्ष्मी पटनायक जी, चंद्रिका व्यास जी ने कवि कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।
कवि कवियत्रियों और साहित्यकारों के लिए उनकी रचनाओं को एक स्थान देने हेतु गद्य साहित्य और कविताएँ आमंत्रण करती है। यह ब्लॉग बिल्कुल मुफ्त है। आप अपनी रचना प्रकाशित करने हेतु अपनी कविता या गद्य साहित्य को renuka_2803@yahoo.com पर संक्षिप्त परिचय, एक तस्वीर और मौलिकता का प्रमाण के साथ भेज सकते हैं। ध्यान रहे रचना की मौलिकता के बारे में कोई भी कानून लड़ाई के लिए रचना भेजने वाले दायी होंगे। किसी भी तरह की रचना चोरी या मौलिकता लोप के लिए ब्लॉग का एडमिन किसी भी हालात दायी नहीं होंगे।
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रविवार, 12 मई 2024
'विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम' की काव्यगोष्ठी
11मई 2024 को विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम की ओर से काव्यगोष्ठी का आयोजन अध्यक्ष लता तेजेश्वर 'रेणुका' जी ने किया।
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