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सोमवार, 15 अगस्त 2022

विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम की ओर से अमृत महोत्सव में काव्यसम्मेलन प्रस्तुत

आज 14 अगस्त 2022 को हमारी संस्था की ओर से यह काव्यसम्मेलन का आयोजन हुआ है। 14 नॉवम्बर 2018 को शुरू हुआ यह संस्था 'विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम' ने अपने 4 साल पूरा करने की ओर आगे बढ़ रहा है। संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्षा लता तेजेश्वर 'रेणुका' जी ने मंच को संबोधित कर कहा, 'इस संस्था का मुख्य उद्दयेश्य है देश के विभिन्न स्थानों से मातृभाषाओं में लिखने वाले रचनाकारों को प्रोत्सहित करना साथ ही हिंदी में बोलने और लिखने के लिए प्रेरित कर 'वसुदेव कुटुम्बकम' के एक सूत्र में बांधना हमारा लक्ष्य रहा है। हर बार कुछ नया करने के लिए तत्पर हमारे साथियों ने भी अपनी सहभागिता दे कर इस संस्था को सुचारू रूप से संचलित कर रहे हैं।
भारत धर्म, भाषा, संस्कृति और विचारों का देश है।  यह  कई  धर्म, संस्कृतियों के साथ ही कई प्राचीन भाषाओं का धरोहर है जिसके चलते विश्व में भारत का एक अलग ही स्थान है। स्वतंत्रता दिवस का 75वा साल पूरा हो रहा है, आज आज़ादी के अमृत महोत्सव पर सबको बधाई और लेखन में बहुत आगे जाने की शुभकामनाएं देती हूँ। साथ ही समग्र भारत वासियों को भी बहुत बहुत बधाई शुभकामनाएं देकर कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम का संचालन के लिए उषा साहू जी और मंजूला पांडेय जी ने नीला सरस्वती वंदना करी। कश्मीर के घाटी से निर्वासित अग्निशेखर जी और पत्रकार वीरेंद्र गढ़वाल जी मंच का मुख्यातिथि और विशेष अतिथि रहे। कार्यक्रम अध्यक्ष चिरंजीव लिंगम जी ने अंत में अपना व्यक्तव्य दिया। कार्यक्रम में कुल 20कवि उपस्थित रहे। 
उषा साहू, पारमिता षड़ंगी, मैत्रेयी कमीला, वेंकटलक्ष्मी गायत्री, मंजु गुप्ता, रतनलाल मेनारिया, वीरेंद्र डंगवाल, मीना गुप्ता, लिंगम चिरंजीव, कमला व्यास, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, मंजूला पांडेय, हीना मोदी, नूरसब्बा श्यान, बिजय लक्ष्मी पटनायक, रज़िया रागिनी 'समर, गिरिमा घारेखान, हीरेन्द्र सिंह देव और सेवा सदन प्रसाद जी ने अपने रचित देशभक्ति, राखी और सावन पर काव्यपाठ किया। मैत्रेयी कमीला जी ने आभार प्रकट करने के बाद कार्यक्रम का समाप्ति घोषणा की गई। सफल कार्यक्रम के लिए सभी को ढेरों बधाइयाँ।

जय हिंद।

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